क्या किसी को नज़र लग सकती हैं

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 क्या किसी को नज़र लग सकती हैं 🥀* *🗒Part- 3* हुज़ूर صَلَّى اللَّهُ تَعَالَى عَلَيئهِ وَسَلَّم पर बद नज़री की कोशिश नाकाम ➡कुरआन करीम में हैं तर्जमा ए कन्ज़ुल ईमान "और ज़रूर काफ़िर तो ऐसे मालूम होते हैं कि गोया अपनी बद नज़र लगाकर तुम्हे गिरा देंगे जब कुरआन सुनते हैं और कहते हैं ये ज़रूर अ़क़्ल से दूर हैं"! *📖(पारह-29, सूरतुल क़लम, आयत-51)* 📜🔸वज़ाहत🔸📜 ➡ह़ज़रते मुफ़्ती अह़मद यार ख़ान अ़लैहिर्रह़मां फ़रमाते हैं "अरब में कुछ लोग नज़रे बद लगाने में मशहूर थे, अगर वो भूखे हो कर किसी को तेज़ निगाह से देखकर कहते कि 'ऐसा हमने आज तक न देखा, क्या ही अच्छा हैं'! तो वो आदमी या जानवर फौरन हलाक हो जाता! कुफ़्फ़ारे मक्का बहुत लालच देकर इन्हे लाए, ये आ़दत के मुत़ाबिक़ तीन दिन भूखे रहे फिर आक़ा صَلَّى اللَّهُ تَعَالَى عَلَيئهِ وَسَلَّم की ख़िदमत में ह़ाज़िर हुए जब कि आप صَلَّى اللَّهُ تَعَالَى عَلَيئهِ وَسَلَّم तिलावते कुरआन फ़रमा रहे थे, उन्होने बार बार यही कहा मगर अल्लाह तआ़ला ने हुज़ूर صَلَّى اللَّهُ تَعَالَى عَلَيئهِ وَسَلَّم को उनकी नज़रे बद से मह़फ़ूज़ रखा, इस पर आयत आई! ➡इससे ये मालूम हुआ कि बद निय्यती से प्यारे आक़ा صَلَّى اللَّهُ تَعَالَى عَلَيئهِ وَسَلَّم का चेहरा ए अन्वर देखना कुफ़्र हैं! एतिक़ाद से रुख़े अन्वर की ज़ियारत सह़ाबी बना देती हैं! येही ह़ाल कुरआन शरीफ़ का हैं, बद निय्यती से इसका पढ़ना कुफ़्र हैं, नेक निय्यती से इ़बादत! ➡इस से दो मसअले मालूम हुए, एक यह कि नज़रे बद ह़क़ हैं, दुसरा यह कि रसूलुल्लाह صَلَّى اللَّهُ تَعَالَى عَلَيئهِ وَسَلَّم रब तआ़ला के ऐसे मह़बूब हैं कि रब तआ़ला इन्हें नज़रे बद से बचाता हैं क्यूंकि कुफ़्फ़ार ने उन लोगों से नज़रे बद लगाने को कहा था जिनकी बुरी नज़र लोगों को हलाक कर देती थी, अल्लाह तआ़ला ने अपने ह़बीब صَلَّى اللَّهُ تَعَالَى عَلَيئهِ وَسَلَّم को उनके शर से मह़फ़ूज़ रखा! ये आयत नज़रे बद से बचने के लिए मुफ़ीद हैं! *📚(नूरुल इ़रफ़ान, सफ़ह़ा-971)* ⏩जारी हैं........ 👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑 *🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴* https://chat.whatsapp.com/BlTnmJKrHakLQ0Y3Q9Q1KC

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