क्या किसी को नज़र लग सकती हैं
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 क्या किसी को नज़र लग सकती हैं 🥀* *🗒Part- 2* 🔸नज़र ह़क़ हैं🔸 ➡सरकारे नामदार, मदीने के ताजदार صَلَّى اللَّهُ تَعَالَى عَلَيئهِ وَسَلَّم ने इर्शाद फ़रमाया "नज़र ह़क़ हैं, अगर कोई चीज़ तकदीर से बढ़ सकती तो इस पर नज़र बढ़ जाती और जब तुम धुलवाए जाओ तो धो दो"! *📚(मुस्लिम शरीफ़, सफ़ह़ा-1202, ह़दीस-2188)* 📜🔸वज़ाहत🔸📜 ➡ह़ज़रते मुफ़्ती अह़मद यार ख़ान रह़मतुल्लाह तआ़ला अ़लैहे ने इस ह़दीसे पाक के तह़त जो वज़ाह़त फ़रमाई हैं इसका ह़ासिले कलाम ये हैं ➡नज़रे बद का असर बरह़क़ हैं इससे मन्ज़ूर (यानी जिसे नज़र लगी उस) को नुक़्सान पहुंच जाता हैं! ➡नज़र का असर इस क़दर सख़्त हैं कि अगर कोई चीज़ तक़्दीर का मुक़ाबला कर सकती तो बुरी नज़र कर लेती कि तक़्दीर में आराम लिखा हो मगर ये तक्लीफ़ पहुंचा देती मगर चूंकि कोई चीज़ तक़्दीर का मुक़ाबला नही कर सकती इसलिए ये बुरी नज़र भी तक़्दीर नही पलट सकती! ➡अगर किसी नज़रे हुए (यानी जिसको नज़र लगी हो उस) को शुबा हो कि तुम्हारी नज़र उसे लगी हैं और वो दफ़्ए़ नज़र (यानी नज़र उतारने) के लिए तुम्हारे हाथ पांव धुलवा कर अपने पर छींटा मारना चाहे तो तुम बुरा न मानो बल्कि फ़ौरन अपने ये आ'ज़ा धोकर उसे दे दो, नज़र लग जाना ऐ़ब नही "नज़र तो मां की भी लग जाती हैं"! ➡इस ह़दीस से मालूम हुआ कि अवाम में मशहूर टोटके अगर ख़िलाफ़े शरअ़ न हो तो इनका बन्द करना ज़रूरी नही! देखो, नज़र वाले के हाथ पांव धोकर मन्ज़ूर (यानी जिसको नज़र लगी हो उस) को छींटे मारने का अरब में मुरव्वज (रवाज) था हुज़ूर صَلَّى اللَّهُ تَعَالَى عَلَيئهِ وَسَلَّم ने इसको बाकी रखा! ➡हमारे यहां थोड़ी सी आटे की भूसी और तीन सूर्ख़ (लाल) मिर्चें नज़रे हुए पर सात बार घुमाकर (सर से पांव तक) फिर आग में ड़ाल देते हैं, अगर नज़र होती हैं तो भूंस नही उठती और रब तआ़ला शिफ़ा देता हैं! जैसे दवाओं में नक़्ल की ज़रूरत नही तजुर्बा काफ़ी हैं ऐसे ही दुआ़ओं और ऐसे टोटकों में नक़्ल ज़रूरी नही ख़िलाफ़े शरअ़ न हो तो दुरुस्त हैं अगर्चे मासूर दुआ़एं अफ़ज़ल हैं! 🔸काले टीके से ह़िफ़ाज़त🔸 ➡ह़ज़रते उस्माने ग़नी रदीअल्लाहो तआ़ला अ़न्हो ने एक ख़ुबसूरत तन्दुरुस्त बच्चा देखा तो फ़रमाया इसकी ठोड़ी में सियाही (यानी काला टीका) लगा दो ताकि नज़र न लगे! 🔸अच्छी चीज़ देखे तो पढ़े🔸 ➡ह़ज़रते हिश्शाम इब्ने उ़र्वा रदीअल्लाहो तआ़ला अ़न्हो जब कोई पसन्दीदा चीज़ देखते तो फ़रमाते مَاشَاءَاللَّهُ لَاقُوَّةَ اِلَّابِاللَّه (माशाअल्लाहु ला क़ुव्वता इल्ला बिल्लाह) उ़लमा फ़रमाते हैं कि कुछ नज़रों में ज़हरीला पन होता हैं जो असर करता हैं! *📚(मिरकात)* *📚(मिरआतुल मनाज़ीह, 6/223)* 🔸खेतों को बद नज़री से बचाए🔸 ➡ह़दीसे पाक में हैं एक सह़ाबिय्या रदीअल्लाहो तआ़ला अ़न्हा नबिय्ये करीम صَلَّى اللَّهُ تَعَالَى عَلَيئهِ وَسَلَّم की बारगाह में ह़ाज़िर हो कर अ़र्ज़ गुज़ार हुई कि "हम किसान लोग हैं और हमें अपने खेत पर नज़रे बद का अन्देशा रहता हैं"! आप صَلَّى اللَّهُ تَعَالَى عَلَيئهِ وَسَلَّم ने खेत में हड्डियां रखने का हुक्म इर्शाद फ़रमाया"! *📚(रद्दुल मुह़तार, 9/601)* *📚(सुननुल कुबरा लिल बैहक़ी, 6/228, ह़दीस-11753)* ⏩जारी हैं........ 👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑 *🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴*https://chat.whatsapp.com/BlTnmJKrHakLQ0Y3Q9Q1KC
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